हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आयतुल्लाह आका मुजतबा तेहरानी (रह.) ने इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.) की एक रिवायत का उल्लेख करते हुए नेतृत्व की लालसा के ख़तरे के बारे में कहा कि जो व्यक्ति नेतृत्व का इच्छुक होगा, वह तबाही में पड़ जाएगा।
एक रिवायत में इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.) ने फ़रमाया: "مَنْ طَلَبَ الرِّئَاسَةَ هَلَکَ" अर्थात "जो व्यक्ति नेतृत्व चाहता है, वह तबाह हो जाता है।"
"नेतृत्व की चाहत" का अर्थ स्पष्ट है; यानी मैं ख़ुद नेतृत्व के पीछे जाऊँ। लेकिन ईश्वरीय नेतृत्व के मामले में उसके पीछे नहीं जाया जा सकता। दूसरे शब्दों में, ईश्वर को ख़ुद मेरे पास आना होगा। ईश्वरीय नेतृत्व में ईश्वर ही आता है और नेतृत्व की ज़िम्मेदारी पैग़म्बर (स.) के कंधों पर रखता है। पैग़म्बर नेतृत्व हासिल करने के लिए उसके पीछे नहीं दौड़ते।
मैं यह कहना चाहता हूँ कि यह रिवायत दूसरे समूह के बारे में है: "मَنْ طَلَبَ الرِّئَاسَةَ هَلَکَ" यानी "जो व्यक्ति नेतृत्व का इच्छुक होगा, वह तबाह हो जाएगा।" यह उस व्यक्ति के लिए है जो स्वयं नेतृत्व के पीछे भागता है।
स्रोतः अल-काफ़ी, जिल्द 2, पृष्ठ 297
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